Media Link on 10th January 2026 Regarding Seven and a half years of Saturn//Tantra Screen
ढैया और साढ़ेसाती रहस्य्मय भी होते हैं और बहुत ही अर्थपूर्ण भी
लुधियाना: 11 जनवरी 2026: (मीडिया लिंक 32//तंत्र स्क्रीन डेस्क )::
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| Pinterest से साभार |
शनि का मीन राशि में गोचर (Transit) मीन राशि वालों के लिए साढ़ेसाती का दूसरा चरण शुरू करता है, जो वास्तव में आत्म-मंथन, चुनौतियों और कड़ी मेहनत में एकरस होने का समय होता है, जहां धैर्य और ईमानदारी से काम लेने पर ही सफलता मिलेगी, खासकर करियर और रिश्तों के मामलों में, क्योंकि शनि आपकी राशि में रहकर आपके लग्न, पराक्रम, सप्तम और दशम भाव पर दृष्टि डालेंगे, जिससे भावनात्मक मजबूती और जिम्मेदार निर्णय लेने की सीख भी मिलेगी और क्षमता भी।
मीन राशि पर शनि गोचर का प्रभाव बहुत गहरा भी है और ज़ोरदार भी। इसकी मुख्य बातें बहुत बारीकी से जीवन को प्रभावित करती हैं। जीवन इनसे प्रभावित होता भी है। इसका यह प्रभाव जातक को तो महसूस होगा ही दुनिया को भी इस बदलाव की चमक महसूस होगी।
चूंकि यह साढ़ेसाती का दूसरा चरण है इसलिए इसका प्रभाव भी अधिक है। यह चरण आत्म-विश्लेषण का समय है और साथ ही गलतियों से सीखने और जीवन में सुधार का भी समय है। जीवन में आवश्यक सुधार इतनी तेज़ी से आएगा की दुनिया भी इस प्रभाव को नोय करेगी । इस सब के चलते अधिक मेहनत और धैर्य की आवश्यकता होगी। ऐसी मेहनत ला फायदा भी ज़रूर होगा इसके परिणाम भी सामने आएंगे। ज़िंदगी पहले से बेहतर बनेगी लेकिन कभी कभी मूषकजीलें बढ़ने का अहसास भी होगा।
इस दौरान सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि आत्म-मंथन का समय एक सुअवसर की तरह मिलेगा। शनि आपके लग्न में होने से यह आत्म-मंथन और आत्म-विश्लेषण का समय है, जहां भावनात्मक रूप से मजबूत होकर जिम्मेदारी से फैसले लेने होंगे। किस किस ने क्यूं आपके साथ धोखा किया इसका स्पष्ट विवरण आप अपने दिल दिमाग में किसी फिल्म की तरह देख सकेंगे। जो लोग आपके अपने बन कर किसी अज्ञात रहस्य की तरह बने हुए थे उनके चेहरे और सोच आपके सामने स्पष्ट रूप से सामने आएगी।
इसी दौरान कड़ी मेहनत और धैर्य का साथ बनाए रखना। नौकरी और व्यापार में भी चुनौतियां आएंगी। सफलता के लिए आनंद लेकर मेहनत करना और धैर्य बनाए रखना जरूरी है। इसी से बदलेंगें बरसों पुराने हालात। एक नै और चमकदार दुनिया आपके सामने आएगी। यह इस बदलाव का ही हिस्सा होगा।
रिश्ते और वैवाहिक जीवन में भी काफी तबदीली आएगी। बहुत सी उलझनों भी अहसास हो सकता है लेकिन जीवनसाथी के साथ हर हाल में अनबन से ज़रूर बचें। रिश्तों में प्यार बनाए रखने की कोशिश करें इसके अच्छे परिणाम सामने आएंगे। इस साढ़ेसाती के दौरान भाई-बहनों से संबंध सुधर सकते हैं जिसे आप बहुत अच्छा महसूस करेंगे। इन सुधरे संबंधों का प्रभाव आपके जीवन पर नज़र भी आएगा।
इसी दौरान करियर और धन की स्थिति में भी बेहतरी आएगी। करियर में स्थिति अनुकूल रहेगी, धन को संतुलित रहते हुए बहुत सोच समझ कर ही खर्च करें। हालांकि भविष्य में अच्छे धन लाभ के योग हैं फिर भी खर्च सोच समझ कर ही किया जाना चाहिए। इस बेहतरी के चलते विदेश यात्रा के भी अवसर बन सकते हैं।
इसी बेहतरी के चलते स्वास्थ्य की सावधानी भी ज़रूरी रहेगी। लाइफस्टाईल और खान पान के चलते वायु तत्व असंतुलित हो सकता है जिसकी मुश्किलें कई बार ज़्यादा बिगड़ जाती हैं। एसिडिटी की समस्या भी गंभीर हो सकती है। इसी बदलाव के चलते कुछ बातों का विशेष ध्यान रखें । छोटी बातों को बड़ा न बनाएं और जोखिम से बचें। वैसे तो दान दक्षिणा का स्वभाव संवेदना को बढ़ता है कर कई अच्छेपरनाम देता है। शनि की साढ़ेसाती में भी दान के उपाय बताए जाते हैं।
चलते चलते आपको यह जानकारी भी दे दें कि इस साढ़ेसाती के चलते क्या करें उपाय। शनिवार को काले तिल और साबुत उड़द दाल का दान करें। ऐसे में स्वास्थ्य लाभ मिलेगा। इसके आलावा भी खानपान और लाइफस्टाइल में सात्विक खानपान बेहतरी देगा।
सात्विक खानपान के साथ साथ पूजापाठ की तरफ ध्यान देना भी अच्छा रहेगा। मानसिक एकाग्रता और मानसिक शांति बढ़ जाती है। भगवान लक्ष्मीनारायण और हनुमान जी की पूजा करें, हनुमान चालीसा का पाठ करें। इससे तन मन को लाभ मिलेगा और और मानसिक शांति बढ़ेगी।
शनि की साढ़ेसाती के उपायों में पीपल के वृक्ष के नीचे तेल का दीपक जलाने को अच्छा कहा जाता है। इसमें काला तिल डालकर जलाना इसे और भी बेहतर बना देता है। कई लोग तो इसे नियमित तौर पर अपने रखते हैं। पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाने से विशेष तरंगें उठती हैं।
गरीबों को अन्न दान करें और गाय को हरा चारा खिलाएं। इससे से लाभ उठाने वाले के दिल दिमाग से जो तरंगें उठती हैं वे आपकी बेहतरी के सुअवसरों को चुंबक की तरह खींच लाती हैं। संवेदनशील जातकों को इन तरंगों की अनुभूति भी होने लगती है। इन न ुभूतियों से ही जातक अपनी अभिव्यक्ति भी बहुत मधुर होने लगती है।
इसी सिलसिले में संक्षेप में कहा जा सकता है कि यह समय चुनौतियों से भी भरा है और सुअवसरों से भी भरा है। चुनौतियाँ स्वीकार करके ही हालात को अपने पक्ष में बदला जा सकेगा। लेकिन मानसिक शांति और एकाग्रता सही दिशा में मेहनत के तरीके और मार्ग बताएगी। धार्मिक उपायों से शनिदेव की कृपा भी प्राप्त की जा सकती है।
यह कृपा शरीरक और मानसिक दोनों तरफ से आएगी और आत्मा की चमक चेहरे पर भी सपष्ट दिखने लगेगी। इन्हीं तब्दीलियों के चलते जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए जा सकते हैं। इन तब्दीलियों को आप ही नहीं आपके आसपास के माहौल में रहने वाले भी महसूस कर पाएंगे।
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